धावक गुरविंदर सिंह
आज गुरिंदरवीर सिंह की गिनती भारत के सबसे चर्चित धावकों में होती है। अपनी ज़बरदस्त रफ़्तार और अटूट लगन के दम पर उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स की दुनिया में अपनी एक नई पहचान बनाई है। पंजाब के जालंधर ज़िले के पटियाल गाँव के रहने वाले गुरिंदरवीर का बचपन एक साधारण परिवार में बीता फिर भी उनके सपने हमेशा से ही बड़े थे। उन्हें बचपन से ही दौड़ने का जुनून था और वे अक्सर स्कूली स्तर की प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करते थे। धीरे-धीरे उनके कोचों और परिवार को यह एहसास होने लगा कि उनमें एक बेहतरीन स्प्रिंटर (तेज़ धावक) बनने की पूरी क्षमता है।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि तब सामने आई जब उन्होंने 100 मीटर की दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। 10.09 सेकंड का समय निकालकर उन्होंने भारत के सबसे तेज़ धावक होने का गौरव हासिल किया। इस उपलब्धि के बाद पूरे देश में उन्हीं की चर्चा होने लगी। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी रफ़्तार और लगन की तारीफ़ करने लगे। कई लोगों ने तो उनकी तुलना दुनिया के महान धावक उसैन बोल्ट से भी की हालाँकि गुरिंदरवीर अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं और उनके सामने अभी एक लंबा सफ़र बाकी है।

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गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी ट्रेनिंग पर बहुत ज़्यादा ध्यान दिया। सुबह जल्दी उठकर अभ्यास करना अपनी फ़िटनेस बनाए रखना और लगातार कड़ी मेहनत करना उनकी रोज़मर्रा की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बन गया था। चूंकि उनके पिता कमलजीत सिंह भी खेलों से जुड़े रहे थे इसलिए उन्हें अपने परिवार से भी काफ़ी सहयोग मिला। उनके परिवार ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी वजह से उन्होंने कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था।
गुरिंदरवीर सिंह भारतीय नौसेना से भी जुड़े हुए हैं। खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ-साथ अनुशासन और फिटनेस बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। उन्होंने कई मौकों पर यह कहा है कि उनका सपना केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतना है। आने वाले समय में उनसे ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसी प्रमुख प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
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“मेहनत कभी शोर नहीं करती… बस इतिहास बना देती है”
— SSGOGIOFFICIAL (@ssgogiofficial) May 25, 2026
जब पूरा देश IPL में बिज़ी था, तब गुरिंदरवीर सिंह ट्रैक पर इतिहास लिख रहे थे।
10.09 सेकंड में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने साबित कर दिया कि असली चैंपियन भीड़ से नहीं, मेहनत से बनते हैं। pic.twitter.com/8CBqoW3mWh

