राजस्थान में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें
May 2026 राज्य में पेट्रोल की औसत कीमत लगभग ₹113–114 प्रति लीटर है। डीज़ल की औसत कीमत लगभग ₹97–98 प्रति लीटर है।
पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें राजस्थान के लोगों के लिए हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रही हैं। जब भी तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। राजस्थान जैसे बड़े राज्य में जहाँ लोगों को हर दिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है
पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बहुत ज़्यादा अहम हो गई हैं। अभी राजस्थान में पेट्रोल की कीमतें लगभग Rs 113-114 प्रति लीटर हैं जबकि डीज़ल लगभग Rs 97-98 प्रति लीटर बिक रहा है। टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन खर्च की वजह से हर शहर में कीमतें थोड़ी अलग-अलग होती हैं।
इन सहरों मे बढ़ रहा पेट्रोल
जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, कोटा और बीकानेर जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें आम तौर पर एक जैसी रहती हैं, लेकिन छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में कीमतें कभी-कभी ज़्यादा हो सकती हैं। पेट्रोल की ज़्यादा कीमतों का मुख्य कारण राज्यों के टैक्स को माना जाता है। भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में केंद्र सरकार की स्पेशल एक्साइज़ ड्यूटी और राज्य सरकार का VAT शामिल होता है। इसलिए पेट्रोल की कीमतें हर राज्य में अलग-अलग होती हैं।
जब इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो भारत में भी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें महंगी हो जाती हैं। भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर कच्चा तेल विदेश से खरीदता है। जब डॉलर बढ़ता है या जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो भारतीय बाज़ार में पेट्रोल की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसका असर सिर्फ़ गाड़ी मालिकों पर ही नहीं बल्कि बाकी सभी पर पड़ता है। जैसे-जैसे ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ता है सब्ज़ियों, फलों किराने के सामान और रोज़ाना की दूसरी ज़रूरतों की चीज़ों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
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लोगों मे बदलाब
देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमत की वजह से लोग अब ट्रांसपोर्ट के दूसरे तरीकों पर जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक बाइक और इलेक्ट्रिक कार खरीदने में काफी दिलचस्पी है। सरकार भी EVs को बढ़ावा देने के लिए कई स्कीम चला रही है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां भविष्य में पेट्रोल की कीमत कम करने में मदद कर सकती हैं।
साथ ही लोग अब साइकिल या कार का इस्तेमाल कम करने और कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। कई शहरों में CNG और फ्लेक्सिबल फ्यूल गाड़ियों पर भी ज़्यादा चर्चा हो रही है। भविष्य में अगर भारत में फ्लेक्सिबल फ्यूल टेक्नोलॉजी ज़्यादा सफल होती है तो पेट्रोल पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है।
Rajasthan fuel prices rise 4th time in May; petrol hits ₹112.66 in Jaipur
— NationPress (@np_nationpress) May 25, 2026
Petrol hits ₹112.66 per litre in Jaipur after Rajasthan's fourth fuel price hike in May 2025. Diesel now costs ₹97.78; opposition demands VAT cut amid inflation fears.https://t.co/HCwv5CecwL pic.twitter.com/539ufXkLOv
तेल की बढ़ती कीमतें सिर्फ़ एक आर्थिक समस्या ही नहीं हैं बल्कि इसके सामाजिक असर भी हैं। इससे मिडिल क्लास और गरीब परिवारों के महीने के खर्चे बढ़ जाते हैं। किसान भी प्रभावित होते हैं क्योंकि डीज़ल की कीमतों से खेती की लागत बढ़ जाती है। ट्रैक्टर पानी के पंप और ट्रांसपोर्टेशन की बढ़ती लागत के कारण खेती और महंगी होती जा रही है।
