84 में से अधिकांश घाट जलमग्न हो चुके हैं जिनमें दशाश्वमेध अस्सी राजेंद्र प्रसाद और नमो घाट शामिल हैं।
नमो घाट तक पानी पहुँच चुका है — पहली बार इस घाट पर अधिकारिक रूप से नावों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।
गंगा आरती अब घाटों से नहीं बल्कि छतों से की जा रही है क्योंकि घाटों पर पानी भरा हुआ है।