क्या कुत्ते सचमुच खतरे को पहले से भांप लेते हैं
कुत्तों को इंसानों का सबसे वफ़ादार साथी माना जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि वे अक्सर इंसानों से पहले ही खतरे को कैसे भांप लेते हैं?
अक्सर ख़बरों और असल ज़िंदगी की घटनाओं में यह देखा जाता है कि कुत्ते भूकंप आने से पहले बेचैन हो जाते हैं अजनबियों को देखकर लगातार भौंकते हैं या अपने मालिकों को आने वाले खतरे के बारे में चेतावनी देने की कोशिश करते हैं। यह कोई जादू नहीं है बल्कि यह उनकी तेज़ इंद्रियों और बुद्धिमत्ता का ही एक प्रमाण है।
कुत्तों की सूंघने की शक्ति इंसानों की तुलना में हज़ारों गुना ज़्यादा तेज़ होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कुत्तों की नाक में ऐसे रिसेप्टर्स होते हैं जो बहुत हल्की से हल्की गंध को भी पहचान सकते हैं।
यही कारण है कि वे गैस लीक आग लगने या किसी अनजान व्यक्ति की मौजूदगी का पता तेज़ी से लगा लेते हैं। कई देशों में पुलिस बल और सेना कुत्तों की इस अनोखी क्षमता का इस्तेमाल करते हैं। बम का पता लगाने से लेकर अपराधियों को पकड़ने तक कुत्ते एक अहम भूमिका निभाते हैं।

यह सिर्फ़ उनकी सूंघने की शक्ति ही नहीं है; कुत्तों में सुनने की भी असाधारण रूप से तेज़ क्षमता होती है। वे ऐसी आवाज़ों को भी सुन सकते हैं जो इंसानों को बिल्कुल भी सुनाई नहीं देती आम तौर पर यह माना जाता है
कि भूकंप आने से पहले कुत्ते धरती की गहराइयों में होने वाले हल्के ज़मीनी कंपन याहलचलको भांप सकते हैं। इसी वजह से भूकंप आने से पहले कुत्ते अक्सर अचानक बेचैन हो जाते हैं—वे इधर-उधर तेज़ी से भागने लगते हैं या ज़ोर-ज़ोर से भौंकने लगते हैं।
कुत्ते अपने मालिकों की भावनाओं को भी काफ़ी हद तक समझने में सक्षम होते हैं। अगर कोई व्यक्ति डर, तनाव या घबराहट महसूस कर रहा हो तो कुत्ता उसके व्यवहार में आए बदलावों के साथ उसके शरीर की गंध को भी पहचान सकता है। अक्सर जब उनके मालिक दुखी होते हैं, तो कुत्ते उनके पास आकर बैठ जाते हैं या उन्हें सुरक्षित और महफ़ूज़ महसूस कराने की कोशिश करते हैं। ठीक इसी वजह से, आजकल अलग-अलग जगहों पर इमोशनल सपोर्ट डॉग्स (भावनात्मक सहारा देने वाले कुत्तों) का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है।
Petrol Prices in Rajasthan:राजस्थान में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें लोगों की ज़िंदगी बेहाल
कई मामलों में कुत्तों ने अपने मालिकों की जान भी बचाई है। कई मौकों पर—चाहे आग लगी हो चोरी हो रही हो या कोई दुर्घटना होने वाली हो—कुत्तों ने भौंककर और लोगों को जगाकर उन्हें सचेत किया है। सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टें ऐसी कहानियों से भरी पड़ी हैं, जहाँ कुत्तों ने अपनी बुद्धिमत्ता और सहज ज्ञान से बड़ीआपदाओंको टाल दिया है।
हालाँकि ऐसा हमेशा हो, यह ज़रूरी नहीं है। हर कुत्ते का स्वभाव अलग होता है, और उनका व्यवहार उनकी ट्रेनिंग माहौल और आदतों से भी प्रभावित होता है। फिर भी, यह एक सच्चाई है कि कुत्तों की इंद्रियाँ इंसानों की तुलना में कहीं ज़्यादा तेज़ होती हैं नतीजतन वे अक्सर कई चीज़ों को काफी पहले ही भांप लेते हैं।
ठीक इसी वजह से सदियों से, कुत्तों को केवल पालतू जानवर ही नहीं, बल्कि इंसानों का सच्चा साथी माना जाता रहा है। उनकी वफ़ादारी बुद्धिमत्ता और सतर्कता ही उन्हें सचमुच खास बनाती है। शायद इसीलिए लोग अक्सर कहते हैं कि कुत्ते सिर्फ़ जानवर नहीं होते बल्कि परिवार का एक अभिन्न अंग होते हैं।

